गोरखपुर को ज्ञान का शहर बनाएं : राष्ट्रपति

उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं गोरखपुर आया हूं, लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद शहर की यह मेरी पहली यात्रा है और मैं निश्चित रूप बदलाव महसूस कर सकता हूं।”

अपने संबोधन में कोविंद ने बताया कि किस तरह प्रेम, दया व सौहार्द शिक्षा के आधार हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा चरित्र, अच्छी शिक्षा प्रणाली की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों और वहां मौजूद अन्य लोगों को इस बारे में बताया कि भगवान बुद्ध और कबीर किस तरह से शिक्षक थे।

गोरखनाथ पीठ की शिक्षा प्रणाली व इसके मूल्यों को आगे बढ़ाने में योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दो महाविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की बड़ी आबादी है और युवा शक्ति का इस्तेमाल करके न सिर्फ पूर्वाचल और उत्तर प्रदेश, बल्कि देश भी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है।

इससे पहले राष्ट्रपति गोरखनाथ मंदिर गए और वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। कोविंद ने महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अवैद्यनाथ, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के गुरु थे।

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