पणजी, 5 मार्च (आईएएनएस)। गोवा के विधायकों ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर केंद्र सरकार से गोवा में खनन संबंधी गतिविधियों को बहाल करने के उपाय निकालने का आग्रह किया।
सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि गोवा में 15 मार्च के बाद सभी खनन संबंधी गतिविधियां रोक दी जाएं और खनन लीज नए सिरे से जारी की जाएं।
इस संबंध में विभिन्न पार्टियों की ओर से शामिल नेताओं के प्रतिनिधिमडंल ने गडकरी को एक ज्ञापन सौंपा। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के लोकनिर्माण विभाग मंत्री सुदिन धावलिकर, भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे, स्पीकर प्रमोद सावंत, कांग्रेस विधायक नीलकंठ हलारनकर समेत प्रतिनिधिमंडल में शामिल मंत्रियों ने ज्ञापन के जरिए गोवा में खनन लीज दोबारा जारी करने के बजाए इन पट्टों का 20 वर्षो के लिए नवीनीकरण करने की मांग की है।
हलारनकर ने आईएएनएस को बताया, “हमने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी चिंता जाहिर की है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप खनन पट्टों को नए सिरे से जारी करने से एक साल से अधिक वर्ष के लिए खनन का काम रुक जाएगा, जो गोवा और यहां के लोगों के लिए आर्थिक झटका होगा। हमारी मांग है कि खनन पट्टों का 20 वर्षो के लिए नवीनीकरण किया जाए।”
इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के भीतर दरार आ गई है। पार्टी के विधायक एलेक्सिो रेगिनाल्डो ने मांग की है कि खनन लीज की नीलामी इस तरह सुनिश्चित की जानी चाहिए जिससे कि राज्य को अपने प्राकृतिक संसाधनों से सर्वाधिक लाभ हो।
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