पणजी, 23 जुलाई (आईएएनएस)। गोवा विधानसभा में सोमवार को अन्य राज्यों से फॉर्मेलिन-युक्त मछली लाकर बेचने के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद सावंत को सदन की कार्यवाही तीसरे दिन भी स्थगित करनी पड़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक लुइजिन्हो फलेरियो ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को विधानसभा के नियमों का हवाला देकर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने की तुलना ‘शैतान द्वारा शास्त्रों (नियम) की दुहाई देने से की।”
फलेरियो ने कहा, “यह सदन सर्वोच्च है। नियमों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन शैतान भी शास्त्र (नियम) का हवाला देता है। इसलिए यह गोवा के लोगों की आवाज को रोकने के लिए शैतान का शास्त्रों की दुहाई देने जैसा है।”
इससे पहले अध्यक्ष ने विपक्षी विधायकों से शांत रहने और तीसरे दिन भी सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित न करने का आग्रह किया था। विपक्ष इस माह की शुरुआत में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की उस रपट को लेकर हंगामा कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि मछलियों को संरक्षित करने के लिए कथित तौर पर खतरनाक रसायन फॉर्मेलिन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सावंत ने कहा, “इस मुद्दे को अलेक्सो रेजिनाल्डो और नीलेश काबराल पहले ही ध्यानकार्षण प्रस्ताव पेश कर चुके है। यह सदन में पेश किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने एक बयान दिया है कि वह जवाब देंगे। आज के सदस्यों के पास इस पर चर्चा करने के लिए पर्याप्त समय होगा।”
विपक्ष के नेता चंद्रकांत कवलेकर ने राज्य सरकार पर गोवा, जिसे मछली की खपत के लिए जाना जाता है, के 15 लाख लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
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