समाजवादी पार्टी की ओर से सेक्टर 22 स्थित सपा कार्यालय पर श्रद्धांजलि समारोह में नागर ने यह बात कही।
जेपी आंदोलन की चर्चा करते हुए नागर ने कहा कि वह जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे पर सरकार बनने पर उन्होंने कोई मंत्रालय नहीं लिया। 80 के दशक में जब तत्कालीन रक्षामंत्री वीपी सिंह ने बोफोर्स का मुद्दा उठाकर राजीव गांधी सरकार को घेरा तो चंद्रशेखर जी ने आंदोलन में उनका भरपूर साथ दिया। जब 1989 में केंद्र में जनता दल की सरकार बनी तो चंद्रशेखर जी ने कोई मंत्रालय नहीं लिया। वह सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि संघर्ष की राजनीति करते थे।
नागर ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा तो चंद्रशेखर जी ने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में निपटा ही दिया था। मुसलमान और हिंदू दोनों उनके प्रस्ताव से सहमत थे। यह कांग्रेस और भाजपा की राजनीति ही थी कि उन्होंने मामले को निपटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज समाजवादियों को चंद्रशेखर जी के जज्बे और संघर्ष को अपनाने की जरूरत है।
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