नई दिल्ली, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि वहां पर लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं आसानी से प्राप्त हो सकें।
जितेंद्र सिंह ने चिकित्सकों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के बारे में जानकारी देने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य एवं भारत के चिरंजीवी विकास विषय पर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
इसका आयोजन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा भारत नीति आईएनएचआर यूनिवर्सिटी जयपुर एवं असम सरकार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर स्वास्थय एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा, “इस वक्त हमें ग्रामीण लोगों के लिए न्यायपूर्ण होना होगा। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत हर नागरिक चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो उसे अच्छी और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने कहा, “आईएमए सभी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए योगदान दे रहा है। हमने हाल ही में हर महीने की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की देखभाल का दिवस घोषित किया है। आईएमए के 2.7 लाख डॉक्टर सदस्यों को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की देखभाल की आवश्यकता वाली बालिकाओं को गोद लेने के लिए भी कहा गया है। हम भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के मौके बनाते रहेंगे और भारतीय चिकित्सा क्षेत्र पर आवश्यक प्रभाव बनाने मंे अपना योगदान देते रहेंगे।”
असम के वित्त, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों पर काबू करना समय की मांग है। उन्होंने आईएमए को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया पर दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
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