नेवढ़िया क्षेत्र के नोकरा गांव निवासी सूरजभान पेशाब की थैली (मूत्राशय) में हुए पथरी की समस्या से तीन वर्ष से ग्रसित था। पीड़ित ने बताया कि जब उन्हें दर्द होता था, तो वह मेडिकल से दर्ज की दवा लेकर खा लिया करता था। दवा लेने के कुछ समय बाद दर्द ठीक हो जाता था। इसी तरह समय बीतता गया। जब गंभीर हो गई तो बाहर कई डाक्टरों को दिखाया, लेकिन कुछ आराम नहीं मिला। उसके बाद डॉ. सिद्धार्थ के हॉस्पिटल पर आया, तब जांच में पता चला कि मूत्रालय में पथरी हैए जो एक बड़ी गांठ के रूप में है।
शनिवार को वरिष्ठ सर्जन डॉ. सिद्धार्थ ने अपने डाक्टरों की टीम के साथ सूरजभान का सफल ऑपरेशन कर पेशाब थैली में से 800 ग्राम की पथरी निकाला और उस व्यक्ति की जान बचाई।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि यह पथरी 800 ग्राम की है। अगर समय रहते नहीं निकाला जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। मेडिकल की दवाई खाने से कुछ समय के लिए आराम मिल जाता था, जिससे बगल में कुछ जगह होने के कारण पेशाब आसानी से निकल जाता था। लेकिन ऐसा अगर लगातार चलता रहता तो आगे चलकर पथरी और बड़ी हो जाती और इसका प्रभाव किडनी पर पड़ता, जिससे व्यक्ति को और गंभीर समस्या हो सकती थी।
ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राजेंद्र सिद्धार्थ, डॉ. विनोद कुमार यादव एवं समस्त स्टाफ की अहम भूमिका रही।
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