नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सांसदों ने मंगलवार को संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी। वे पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा और नारेबाजी करते रहे।
कांग्रेस के सदस्य इस बीच राज्यसभा में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकारहनन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मांग करते रहे।
लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, अन्नाद्रमुक के सदस्य अध्यक्ष के आसन के करीब आ गए। उनके हाथों में समाचारपत्र में छपी रिपोर्ट थी जिसमें दावा किया गया था कि कार्ति ने दुनिया भर में रियल एस्टेट में निवेश किया है। सदस्य ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगा रहे थे।
दोपहर के पहले के एक घंटे में लोकसभा और राज्यसभा यानी दोनों सदनों की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई।
इस बीच, कांग्रेस के सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से ईरानी के खिलाफ अपने विशेषाधिकार हनन नोटिस की स्थिति बताने की मांग की।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस मुद्दे को उठाने के लिए खड़े हुए लेकिन अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने हल्ला मचाकर उन्हें बोलने से रोक दिया।
संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने हंगामा कर रहे तमिलनाडु के सांसदों को शांत करने की कोशिश के तहत कहा, “नोटिस देने के बाद इस मुद्दे को उठाया जा सकता है।”
राज्यसभा में भी यही स्थिति रही। एआईएडीएमके के सदस्यों ने इसी मुद्दे पर सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। वे चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे।
दोपहर बाद 3.45 बजे राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित की गई। इसके पहले इस मुद्दे पर कई बार कार्यवाही स्थगित हो चुकी थी। इस हंगामे के कारण राज्यसभा में पूरे दिन कोई काम नहीं हो पाया।
एआईएडीएमके सदस्य सभापति के आसन के करीब ‘चिदंबरम और उनके बेटे को गिरफ्तार करो’ और ‘चिदंबरम पर कार्रवाई करो’ जैसे नारे लगाते रहे। इस विरोध प्रदर्शन के बीच पहले राज्यसभा के सभापति और बाद में उप सभापति ने सदन की कार्यवाही जारी रखने की कोशिश की।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, “अन्नाद्रमुक की ओर से यह जानबूझकर किया जा रहा है ताकि हम विशेषाधिकार हनन पर चर्चा नहीं कर सकें।”
आसन की ओर से हंगामा कर रहे सदस्यों से बार-बार यह आग्रह किया जाता रहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए वे अपनी सीट पर बैठ जाएं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वे नारेबाजी करते रहे।
उप सभापति पी.जे कुरियन ने कहा, “आप सर्वाधिक गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। आप सदन की कार्यवाही को क्यों बाधित कर रहे हैं? यह लोकतंत्र की हत्या है, मैं आपसे कह रहा हूं।”
जब उप सभापति की बात का कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने बुधवार की सुबह तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
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