नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद आर.के. सिंह ने गुरुवार को कहा कि चीन अगर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा काली सूची में डाले जाने से बचाता रहेगा तो इससे भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव सिंह ने लोकसभा में शून्यकाल में कहा कि अजहर उड़ी और पठानकोट हमलों के लिए जिम्मेदार था और चीन उसे काली सूची में डाले जाने में रुकावट डाल रहा है, जबकि उसका संगठन जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल है।
सिंह ने कहा, “यह तीसरा मौका है, जब चीन ने हमारे प्रयास में रोड़े अटकाए हैं। वे एक आतंकवादी को बचा रहे हैं। भारत को इस बारे में चीन से बात करनी चाहिए कि यह एक गैर दोस्ताना कृत्य है और इससे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ेगा।”
उन्होंने कहा, “हमारा बाजार काफी बड़ा है..अगर हम चीन के सामान का आयात बंद कर दें, तो इससे उन्हें संदेश मिलेगा कि दोस्ती एकतरफा नहीं होती।”
अमेरिका ने 19 जनवरी को अजहर को काली सूची में डालने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। यह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा उठाए गए आखिरी कदमों में से एक था। चीन ने दो फरवरी को इस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था।
जेईएम को सुरक्षा परिषद ने पहले ही काली सूची में डाला हुआ है।
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