प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक बैठक के बाद सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है, “वैट सुधार चीन के वित्तीय और कर सुधार का एक अहम हिस्सा है। प्रायोगिक वैट सुधार के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और सभी उद्योगों तक इसका विस्तार करने से उद्यमों पर कर का दबाव घटेगा, औद्योगिक सुधार को तेजी मिलेगी और खपत को बढ़ावा मिलेगा।”
प्रायोगिक वैट योजना का 2012 में परीक्षण किया गया था और धीरे-धीरे इसका विस्तार किया गया। वित्त मंत्रालय ने दिसंबर में कहा था कि इस साल चीन शेष चार उद्योगों -वित्त, निर्माण, संपत्ति और उपभोक्ता सेवा में भी व्यापारिक कर को हटाकर उसकी जगह वैट लागू करेगा।
देश के प्रथम संयुक्त उपक्रम निवेश बैंक चाइना इंटरनेशनल कैपिटल कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीआईसीसी) की पहले जारी हुई एक रपट के मुताबिक 2012 से 2015 की प्रथम छमाही तक वैट लागू किए जाने से उद्योग जगत को 484.8 अरब युआन (75 अरब डॉलर) कर की बचत हुई है, जो इस अवधि में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.2 फीसदी है।
सीआईसीसी ने कहा कि 2016 में सभी उद्योगों में वैट लागू कर दिए जाने से कर की बचत 900 अरब युआन यानी जीडीपी के 0.4 फीसदी तक पहुंच जाएगी।
रपट में कहा गया है कि वैट लागू करने के बाद कंपनियों को खुद ही सभी काम करने की जगह अधिकाधिक सेवाओं को आउटसोर्स करने का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे सेवा क्षेत्र का विकास होगा और विनिर्माण उद्योगों को सुधार होगा।
बयान के मुताबिक, वैट लागू करने से कुछ समय के लिए सरकार की आय में कमी आएगी, लेकिन भविष्य में होने वाली वृद्धि से इसकी भरपाई हो जाएगी।
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