चेन्नई, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। बाढ़ प्रभावित चेन्नई में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि बुधवार रात से बारिश थमने की वजह से लोगों को कुछ राहत मिली है।
हालांकि, गुरुवार सुबह बूंदाबांदी हुई और आसमान में छाए काले बादलों ने और बारिश होने का डर बढ़ा दिया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
केंद्र सरकार शहर को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है।
सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में जलस्तर नहीं घटा और लोगों को पीने योग्य पानी और खाद्य सामग्रियों के नहीं होने की कमी से जूझना पड़ रहा है।
सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में जलस्तर घटा है। चेंबारामबक्कम झील से अतिरिक्त पानी शहर से गुजरने वाली अड्यार नदी में आ गया है, जिससे नदी उफान पर है, लेकिन झील से अड्यार नदी में आने वाले पानी की मात्रा में धीरे-धीरे कमी आई है।
लोग बाढ़ से बचने के लिए अपने घरों की छतों पर बैठ गए हैं और मदद का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।
कई स्थानों पर संचार लाइनें बाधित हो गई हैं और बिजली आपूर्ति बंद हो गई है।
सेना और नौसेना के जवान चेन्नई की सड़कों पर नाव चलाकर बचाव कार्यो में जुटे हैं।
भारतीय वायुसेना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 200 लोगों को सकुशल हैदराबाद पहुंचाया है। वायुसेना के विमान ने चेन्नई से लगभग 70 किलोमीटर दूर अराकोणम में नौसेना के हवाईअड्डे आईएनएस राजाली से उड़ान भरी।
दक्षिण रेलवे ने गुरुवार को चेन्नई सेंट्रल स्टेशन और चेन्नई इगमोर स्टेशन से कुल 20 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया, जबकि अन्य स्टेशनों से सात रेलगाड़ियां रद्द की गई हैं।
रेलवे स्टेशनों पर अब भी हजारों यात्री फंसे हुए हैं।
बैंकों ने अपने ग्राहकों को नकदी के लिए एटीएम के इस्तेमाल की सलाह दी है, क्योंकि बाढ़ की वजह से उनकी कुछ बैंक शाखाओं में गुरुवार को काम नहीं होगा।
कई क्षेत्रों में लोग बाढ़ से प्रभावितों को अपने घरों में शरण दे रहे हैं। कुछ लोग बाढ़ प्रभावितों को खाद्य सामग्रियों के पैकेट भी दे रहे हैं।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव की वजह से चेन्नई में नवंबर की शुरुआत से ही भारी बारिश हो रही है।
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