यहां जारी बयान के अनुसार, इनमें बादहशाह भोग सलेक्शन-1, दुबराज सलेक्शन-1, तरुण भोग सलेक्शन-1, विष्णु भोग सलेक्शन-1, छत्तीसगढ़ जिंक राईस-1 (सभी धान), छत्तीसगढ़ अलसी-1, छत्तीसगढ़ सोयाबीन-1, छत्तीसगढ़ कुटकी-2, इंदिरा मटर-1 तथा इंदिरा उड़द-प्रथम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने विश्वविद्यालय के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग, पादप आणविक जीव विज्ञान विभाग तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिकों तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने शुक्रवार यहां बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले साल 15 विभिन्न फसलों की 22 नई किस्में विकसित की गई थी। इन किस्मों का अनुमोदन अपर मुख्य सचिव कृषि तथा कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में 12 मार्च, 2015 को आयोजित राज्य बीज उप समिति की बैठक में किया गया था।
इसके बाद सभी 22 नई किस्मों की अधिसूचना जारी करने के लिए केंद्रीय बीज उप समिति के समक्ष भेजा गया।
बयान में कहा गया है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. जे.एस. संधू की अध्यक्षता में 12 अप्रैल, 2016 को नई दिल्ली के कृषि भवन में हुई केंद्रीय बीज उप समिति की बैठक में 22 में से नौ नई किस्मों को व्यवसायिक खेती एवं प्रमाणित गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन के लिए अधिसूचित किया गया।
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