नई दिल्ली के परिवहन भवन में छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री दयाल दास बघेल ने बुधवार को केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा से मुलाकात कर राम वनगमन पथ तथा इको टूरिज्म सर्किट को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल किए जाने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव पर हर संभव उचित कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।
बघेल ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के अंर्तगत रामायण सर्किट को चिन्हाकित किया गया है। इस सर्किट में छत्तीसगढ़ से जगदलपुर को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम ने अपने वनवास काल के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थलों में समय व्यतीत किया था, जिसका वर्णन पुराणों में भी मिलता है।
उन्होंने राम वनगमन पथ (रतनपुर-शिवरीनारायण-सिरपुर आरंग-फिंगेश्वर-सिहावा-जगदलपुर-सुकमा-रामोराम) को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल किए जाने का केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है।
बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू भाग वनों से अच्छादित है। यहां इको पर्यटन की असीम संभावनाएं उपलब्ध है।
राज्य में इको पर्यटन के विकास की दृष्टि से इको सर्किट (राजमेरगढ़-कबीर चबूतरा-कुरदर-कोटमीसोनार-बरनवापारा-कोडार डेम-रायपुर) केंद्र के स्वदेश दर्शन योजना में शामिल किए जाने की दृष्टि उपयुक्त है। मुलाकात के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री को दंडाकारण्य रामायण व रामवन गमन मार्ग के मानचित्र की एक प्रति भी भेंट की।
बघेल ने केन्द्रीय मंत्री से स्वीकृत गिरौदपुरी डेस्टीनेशन डेवलमेंट परियोजना के लिए शेष राशि 4 करोड़ रुपये जल्द स्वीकृत किए जाने का भी अनुरोध किया है। बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ का सिरपुर 7 वीं सदी में बौद्ध, जैन एवं शैव धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है।
उन्होंने इस स्थल को विश्वस्तरीय पुरातात्विक, इको एवं नेचरकेयर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने तथा पर्यटन की आवश्यक सुविधा विकसित करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री से लगभग 10 करोड़ की राशि दिए जाने का भी अनुरोध किया है।
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