गणेश शंकर मिश्रा लंबे समय से प्रदेश में कई मामले में विवादों के घेरे में हैं। मिश्रा पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में जलाशय का नामकरण अपने पिता के नाम पर करने का भी आरोप लगाया जा चुका है। साथ ही वर्तमान में आयोग ने यह समन घटिया एनीकट निर्माण के सवालों का जवाब नहीं देने पर जारी किया है। आयोग ने मामले में उन्हें नोटिस भी जारी किया था, जिसे नजरअंदाज करने पर उन्हें 19 जुलाई को दस्तावेजों के साथ स्वयं हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में जब जल संसाधन विभाग के सचिव गणेश शंकर मिश्रा से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मैं अभी अवकाश पर हूं। मुझे किसी भी प्रकार के समन की जानकारी नहीं है।
बताया जाता है कि विभाग के ठेकेदार सुनील अग्रवाल लेंद्रा के खिलाफ शिकायतों पर विभाग के सचिव से आयोग ने जवाब मांगा था। इसके लिए लिए जारी नोटिस का गणेश शंकर मिश्रा ने जवाब नहीं दिया, अब आयोग ने समन जारी कर तलब किया है।
राज्य के किसी आईएएस के खिलाफ आयोग की यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले आयोग ने कुनकुनी जमीन घोटाले में कलेक्टर, एसपी और डीआरएम को आयोग में तलब किया था।
बताया गया कि यदि मिश्रा इस समन का पालन नहीं करते तो नियमानुसार आयोग उनके खिलाफ वारंट जारी करने की कार्रवाई कर सकता है। शिकायतों में कहा गया कि विभाग ने न ही ठेकेदार पर कार्रवाई की और न ही वसूली की। इसी बात पर आयोग ने विभाग को जवाब तलब किया था, लेकिन विभाग ने दो नोटिस का जवाब भी नहीं दिया।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य हर्षद भाई बसावा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को भारत के संविधान द्वारा जो शक्तियां प्राप्त हैं, उन शक्तियों का प्रयोग जनजाति वर्ग के हितों की रक्षा के लिए समय-समय पर करता है।
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