नागा साधुओं और अन्य साधु-संतों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने संगम पर बनाए गए शाही स्नान कुंड में पावन स्नान किया। पखवाड़े भर का राजिम कुंभ कल्प माघ पूर्णिमा (10 फरवरी) से शुरू हुआ था। प्रदेश के धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजिम विधायक संतोष उपाध्याय और गोबरा नयापारा नगरपालिका के अध्यक्ष विजय गोयल ने भी त्रिवेणी संगम पर शाही कुंड में डुबकी लगाई।
संत समागम स्थल पर नागा साधुओं की शस्त्र पूजा के साथ विभिन्न संप्रदायों, आश्रमों, अखाड़ों और शक्तिपीठों के साधु-संत अपनी संस्थाओं के निशानों और ध्वजों के साथ शाही स्नान शोभा यात्रा में शामिल हुए।
नागा साधुओं सहित अन्य साधु-संतों की शोभा यात्रा लोमश ऋषि आश्रम के नजदीक बनाए गए संत समागम स्थल से निकली तथा नवापारा के नेहरू घाट से नए पुल होकर राजिम पहुंची। साधु-संत राजिम में पं. सुंदर लाल शर्मा चौक से शास्त्री चौक होते हुए साधु-संत त्रिवेणी संगम पर शाही कुंड तक पहुंचे।
शोभा यात्रा में विभिन्न अखाड़ों, आश्रमों, शक्तिपीठों और संप्रदायों के साधु-संत अपने ध्वजों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में नागा साधुओं का दल सबसे आगे चल रहा था। अनेक आश्रमों और अखाड़ों के प्रमुख साधु-संत घोड़ों और बग्गियों में सवार होकर शोभा यात्रा की शान बढ़ाते चल रहे थे।
नवापारा और राजिम शहर में लोगों ने जगह-जगह शोभा यात्रा में शामिल साधुओं का भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल नागा साधुओं के साथ अन्य साधुओं ने अपने शस्त्रों के साथ आकर्षक करतब भी दिखाते रहे। नवापारा और राजिम में साधु-संतों की शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया।
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