रायपुर, 14 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में महानदी परियोजना की मुख्य नहर की मांढर शाखा नहर के जरिए लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय कर एक गांव में पानी पहुंच गया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए इस वर्ष गर्मियों में तालाबों को नहरों के जरिए सिंचाई जलाशयों के पानी से भरने के लिए शुरू किए गए विशेष अभियान के उत्साहजनक नतीजे देखे जा रहे हैं।
राज्य में यह शायद पहली बार है, जब किसी गांव के तालाब में सिंचाई बांध का पानी पहुंचने पर गांव के लोगों ने उत्सव मनाकर उसका स्वागत किया।
यह प्रसंग रायपुर जिले के ग्राम बकतरा (विकासखड अभनपुर) का है, जहां रविशंकर जलाशय (गंगेरल बांध) का पानी महानदी परियोजना की मुख्य नहर की मांढर शाखा नहर के जरिए लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय कर शुक्रवार को गांव पहुंच गया। वहां के सूखे तालाब को इस पानी से सचमुच नया जीवन मिल गया।
महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने महाआरती कर पूजा-अर्चना के साथ अमृत तुल्य इस पानी का आत्मीय स्वागत किया। युवाओं ने पटाखे चलाकर जश्न मनाया।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अध्यक्ष अशोक बजाज ने भी गांव वालों के साथ पानी की महाआरती की। सूखे मौसम में नहरों के जरिए सिंचाई जलाशयों का पानी गांवों के तालाबों तक पहुंचाने के इस अभियान के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार प्रकट किया।
बजाज ने ग्रामीणों की सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में चल रहे प्रदेशव्यापी ‘पानी बचाओ’ अभियान का विशेष रूप उल्लेख किया।
बजाज ने कहा, “हम सबको गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में ही रोकने का प्रयास करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भू-जल संरक्षण के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसमें जनता का सहयोग भी जरूरी है।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने पानी की शुद्धता, स्वच्छता और उपयोगिता को कायम रखने के लिए जल संरक्षण के लिए काम करने का संकल्प लिया।
बजाज ने ग्रामीणों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस गांव के लोगों ने जल संरक्षण के महत्व को समझा है। हर गांव में इसके लिए सबको चिंता करने की जरूरत है। बकतरा के लोगों ने पानी की महाआरती की जो परंपरा शुरू की है, वह सचमुच अन्य लोगों के लिए भी अनुकरणीय है।
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