प्रधानमंत्री ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बड़ी रैली को संबोधित किया। उन्होंने अपने अंदाज में भाषण की शुरुआत छत्तीसगढ़ी भाषा में की।
मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज 18 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान हो रहा है, लोग अधिक से अधिक मतदान करें। उन्होंने कहा कि लोगों में यह संदेश जाना चाहिए कि पहले मतदान फिर जलपान। प्रधानमंत्री ने कहा कि 1952 के बाद से हर चुनाव परिवार, जाति, मेरे-तेरे के नाम पर लड़ा गया, लेकिन भाजपा ने चुनाव के एजेंडे को बदला है। हमने जाति, ऊंच-नीच को छोड़ विकास को अपना मुख्य एजेंडा बनाया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, “कई साल तक मैंने बिलासपुर में काम किया है। छत्तीसगढ़ हिन्दुस्तान का धान का कटोरा है। यहां पर कबीर को मानने वाले लोग हैं, जो शांति का संदेश देते हैं। छत्तीसगढ़ की सेवा करने का हमें बार-बार मौका मिला है, उसका एक कारण यहां की जनता और सरकार के बीच में संगठन के कार्यकर्ताओं की मजबूत कड़ी का होना है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि विरोधियों को समझ नहीं आ रहा है कि भाजपा का मुकाबला कैसे करें। विरोधी बताएं कि क्या कारण था कि छत्तीसगढ़ जब मध्य प्रदेश का हिस्सा था तो दोनों ही बीमारू राज्य थे। अगर छत्तीसगढ़ नया बनने के बाद भी उनके (विपक्ष के) पास रहता तो शायद आज जैसा बनाने में 50 साल लग जाते।
मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी राजनीति सिर्फ एक परिवार से शुरू होती है और उसी परिवार में खत्म होती है। हमारी राजनीति गरीब की झोपड़ी से शुरू होती है और उनकी जिंदगी को बदलती है। छत्तीसगढ़ के लिए जब कांग्रेस घोषणापत्र जारी कर रही थी, तो नामदार (कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी) के लिए 150 बार ‘सर’ का प्रयोग किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जो मां-बेटे रुपयों की हेरा-फेरी पर जमानत पर घूम रहे हैं, वो आज मोदी को ईमानदारी का प्रमाणपत्र दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण ही फर्जी कंपनियां पकड़ी गईं, उसी वजह से आपको जमानत पर रहना पड़ रहा है। विकास के लिए पैसा पहले भी था, लेकिन यह पहले लोगों के बिस्तर के नीचे दबा हुआ था। नोटबंदी के कारण ही यह पैसा बाहर निकला, जिसके कारण आज विकास हो रहा है। कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है लेकिन पहुंचता 15 पैसा ही है। बीच में कौन 85 पैसा ले जाता था।”
उन्होंने कहा कि जो लोग नक्सलियों को क्रांतिकारी कहते हैं, जिन्होंने उन्हें पैदा किया और पाला क्या वो उन्हें खत्म कर पाएंगे। छत्तीसगढ़ को नक्सल की समस्या से भाजपा ही मुक्ति दिला सकती है।
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