बंद के चलते लगभग 2 हजार छोटे कारीगर और 10 हजार कर्मचारी संकट में आ गए हैं। वहीं सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगा हड़ताला जारी रहेगा। 11 दिनों की हड़ताल के बाद भी सरकार का रुख सकारात्मक नहीं हुआ है।
रायपुर सराफा एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन की ओर से एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर पिछले दिनों राज्यपाल से मुलाकात भी की थी।
गौरतलब है कि पिछले 11 दिनों से बंद सराफा बाजार अब अनिश्चितकालीन बंद रखने का फैसला कारोबारियों ने किया है। राष्ट्रीय इकाई जीजीएफ से मिले निर्देश पर कारोबारियों ने यह फैसला लिया है।
पूर्व में तय तिथि 4 मार्च को खत्म हो रहा था, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस विषय पर कोई पहल नहीं होने से कारोबारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष तिलोकचंद बरडिय़ा व रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में स्वर्ण व हीरे के जेवरों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने का विरोध हो रहा है और कारोबारी पूरी तरह से एकजुट हैं।
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