नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के पहले उद्योग मंत्री, अर्थशास्त्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 115वीं वर्षगांठ पर फेडेरेशन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ स्माल इंडस्ट्रीज ऑफ इण्डिया (फासी) ने बुधवार को यहां एक संगोष्ठी का आयोजन किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता विदेश राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह ने की। उन्होंने कहा, “देश में दो बातें, संगठन और गुणवत्ता नियंत्रण सीधे सकल घरेलू उत्पाद को प्रभावित कर सकते हैं। देश में छोटे उद्योगों पर काफी काम करने की जरूरत है।”
सिंह ने आगे कहा, “संगठन के कौशल विकास के लिए एक साथ मिलकर छोटे-बड़े उद्यमियों की जरूरतों पर काम करने के लिए पूरी तरह परि²श्य में सुधार की जरूरत है।”
फासी की स्थापना वर्ष 1959 में फोर्ड फाउण्डेशन की सिफारिश पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एक शीर्ष निकाय के रूप में की थी, जिसका मुख्य लक्ष्य देशभर में मौजूद छोटे उद्योगों का मार्गदर्शन व उत्थान करना था।
फासी के महासचिव एस.पी. सिंह ने कहा, “हम आरबीआई से बात करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे किसी भी उद्यम खाते को नॉन-प्रोग्रेसिव खाता घोषित करने से पूर्व अपनी नो एक्टिविटी का समय 90 दिन से 180 दिन तक कर दें।”
गोष्ठी में गोवा सरकार के पंचायती राज, पर्यावरण और वन मंत्री राजेन्द्र आलेकर भी उपस्थित थे। उन्होंने लघु उद्योग क्षेत्र में राष्ट्रवादिता के सिद्धांत पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय उद्योगपतियों के समर्थन में कहा, “भारत के लोगों को चीन के मुकाबले भारतीय उत्पादों और उनकी बेहतर गुणवत्ता के विषय में जानना जरूरी है।” इसी पक्ष पर उन्होंने भारत में बनाये जा रहे उत्पादों के प्रति अपना सहयोग देने की बात पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष श्याम जाजू, फासी की वूमन चैप्टर की अध्यक्ष जसप्रीत कौर सहित फासी के सदस्य भी उपस्थित रहे।
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