जबलपुर– मध्य प्रदेश में सावन मास से पहले एक बार फिर कट्टरपंथी संगठनों द्वारा अजीबोगरीब फरमान जारी होने लगे हैं। जबलपुर में स्वघोषित धर्म के ठेकेदारों ने महिलाओं के मंदिरों में एंट्री के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिए हैं। इसमें लिखा गया है कि संस्कृति को बचाने की जिम्मेदारी महिलाओं की ही है। उन्हें सिर ढंक कर मंदिर में प्रवेश करना होगा।
पोस्टर में आगे लिखा है कि मंदिर में बरमूडा, हाफ पैंट, टी-शर्ट, जींस, टॉप, नाइट सूट और मिनी स्कर्ट जैसे अमर्यादित कपड़े न पहनें। अंत में लिखा है कि इसे अन्यथा न लें, भारतीय संस्कृति आपको ही बचाना है।बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया तिवारी का कहना है कि मंदिरों में सभी को उत्तम आचरण के साथ वस्त्र भी मर्यादित पहनने चाहिए। इससे न केवल हमारी संस्कृति झलकती है, बल्कि अन्य दर्शनार्थियों की भावनाओं को ठेस भी नहीं पहुंचती।
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