जयललिता ने स्टालिन से कहा, बैठने की व्यवस्था प्रोटोकॉल के तहत थी

चेन्नई, 24 मई (आईएएनएस)। शपथ ग्रहण समारोह में डीएमके के कोषाध्यक्ष एम.के. स्टालिन के शामिल होने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए जयललिता ने उन्हें धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समारोह में बैठने की व्यवस्था प्रोटोकॉल के अनुरूप थी और उनके और उनकी पार्टी के प्रति अनादर दर्शाने की कोई मंशा नहीं थी।

यहां जारी एक बयान में जयललिता ने कहा, “मुझे सूचित किया गया है कि लोक विभाग ने कार्यक्रम के लिए सभा कक्ष में बैठने की व्यवस्था प्रोटोकॉल नियम के अनुरूप की थी।”

उन्होंने कहा, “अगर बैठने की व्यवस्था से उन्हें कोई परेशानी हुई तो मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहूंगी कि उनके और उनकी पार्टी के प्रति अनादर दर्शाने की कोई मंशा नहीं थी।”

जयललिता ने कहा कि अगर अधिकारीगण उनके संज्ञान में लाए होते कि स्टालिन समारोह में आएंगे तो नियमों में ढील देकर अग्रिम पंक्ति में उनके बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए होते।

उन्होंने कहा, “मैं उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं और राज्य की बेहतरी के लिए उनकी पार्टी के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।”

जयललिता और उनकी मंत्रिपरिषद के शपथ लेने के तुरंत बाद डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि ने सोमवार को शिकायत की कि स्टालिन को पिछली पंक्ति में बैठाकर सत्ताधारी एआईडीएमके ने उनकी पार्टी का अपमान किया।

करुणानिधि ने कहा कि चुनाव में 89 सीटें जीत कर विधानसभा में डीएमके मुख्य विपक्षी पार्टी होगी और स्टालिन सदन की एक अग्रिम पंक्ति में होंगे। लेकिन चुनाव हारने वाले एआईएडीएमके के घटक दल एआईएसएमके के नेता शरत कुमार को अग्रिम पंक्ति में बैठाया गया, जबकि स्टालिन और डीएमके के अन्य नेताओं को 10वीं पंक्ति में सीटें दी गईं।

मद्रास वश्वविद्यालय के शताब्दी हॉल में राज्यपाल के.रोसैया ने जयललिता और उनके 28 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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