नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल ‘लाल बहादुर शास्त्री प्रबंधन संस्थान (एलबीएसआईएम) उत्कृष्ट किसानों और जवानों को सम्मानित करने के लिए अगले साल से दो अलग-अलग राष्ट्रीय पुरस्कार शुरू करने का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है।
संस्थान ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सपने को साकार करने के उद्देश्य से उद्यमशील किसानों तथा देश की रक्षा करने वाले जवानों को सम्मानित करने की सिफारिश करने का फैसला लिया है।
एलबीएसआईएम के चेयरमैन अनिल शास्त्री ने यहां कहा, “इन दो अलग-अलग पुरस्कारों की स्थापना करने का प्रस्ताव ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे से प्रेरित है, जो पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को अत्यंत प्रिय था।”
उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों तथा खेतों में अन्न उगाकर देशवासियों का पेट भरने वाले किसानों के लिए यह नारा दिया था। शास्त्री जी ने पहली बार अक्टूबर, 1965 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले के उर्वा गांव में यह नारा दिया था।
अनिल शास्त्री ने कहा कि ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा करीब 50 साल पूर्व दिया गया था, लेकिन आज भी यह नारा अत्यंत प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से अनुरोध करेंगे कि इन पुरस्कारों के लिए बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया अपनाई जाए और इसमें परंपरागत माध्यमों के अलावा सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जाए।
अनिल शास्त्री ने कहा कि यह पहला मौका है, जब देश के लोकतंत्र के दो प्रमुख योद्धाओं- सैनिक तथा किसान को सम्मानित करने के लिए एक विश्वसनीय राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित करने की पहल की जा रही है।
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