श्रीनगर, 11 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को दो दिन की पुलिस हिरासत के बाद शनिवार को रिहा कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मलिक और कुछ अन्य अलगाववादियों के खिलाफ चल रहे 29 साल पुराने मामले में उन्हें यहां एक टाडा अदालत में पेश किया गया।
जेकेएलएफ के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, “उन्हें अदालत ने रिहा कर दिया और वह अपने घर पहुंच चुके हैं।”
मलिक को दो सप्ताह पूर्व हिरासत में लिया गया था और तब से वह हिरासत में थे।
वह कश्मीर घाटी में हुर्रियत नेताओं सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले संगठन सहित विभिन्न अलगाववादी राजनीतिक संगठनों के एकजुट आंदोलनों का नेतृत्व करते रहे हैं।
मलिक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से 22 जून के उपचुनाव का बहिष्कार करने का आग्रह करते हुए चलाए जा रहे अलगाववादी अभियान में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई है।
सईद की बेटी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अब अनंतनाग से चुनाव लड़ रही हैं।
महबूबा मुफ्ती के अलावा नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के उम्मीदवारों सहित सात अन्य उम्मीदवार इस सीट के लिए चुनाव मैदान में हैं।
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