भोपाल, 4 नवंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के केंद्रीय जेल से प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के विचाराधीन आठ कैदियों के फरार होने और मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कथित तौर पर वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नया वीडियो शुक्रवार को वायरल हुआ, जिसमें पांच युवक चाहरदीवारी के भीतर जेल में मेल-मुलाकात करते दिख रहे हैं, जिन्हें सिमी कार्यकर्ता बताया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक (जेल) हालांकि इससे अनजान हैं।
वायरल हुए वीडियो में चाहरदीवारी के भीतर खुले स्थान पर पांच लोग मेल-मुलाकात करते दिख रहे हैं। इसमें कोई कुर्ता-पैजामा पहने है तो कोई पेंट-शर्ट। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो जेल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज है। मुलाकात कर रहे युवकों को सिमी के कार्यकर्ता बताया गया है।
पांच में से एक युवक के हाथ में पॉलीथिन जैसी कोई चीज भी नजर आ रही है। यह वीडियो दो माह पुराना बताया जा रहा है।
वायरल हुए वीडियो के बारे में पुलिस महानिदेशक (जेल) संजय चौधरी ने आईएएनएस से कहा, “वह वीडियो मैंने नहीं देखा है, यह तो उसी चैनल से पूछिए जो इस वीडियो को दिखा रहा है। वही यह भी बताएंगे कि यह वीडियो कहां का है।”
भोपाल का केंद्रीय जेल आईएसओ प्रमाणित है। यहां लगभग 45 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जिस रात सिमी के विचाराधीन कैदी भागे थे, उस रात कुछ कैमरों के खराब होने की बात कही जा रही है।
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