रांची, 25 जून (आईएएनएस)। झारखंड ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का इस्तेमाल करके जल संरक्षण और खेतों की सिंचाई के लिए केवल 60 दिनों में एक लाख छोटे जलाशयों का निर्माण किया है।
ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य सचिव एन.एन. सिन्हा ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, “हमने (अधिनियम के तहत) सृजित रोजगारों से खेतों में जल सरंक्षण के लिए एक लाख छोटे जलाशयों का निर्माण किया है, ताकि किसान सिंचाई के लिए इनका इस्तेमाल कर सकें।”
सिन्हा ने कहा कि इन जलाशयों से लगभग 50,000 एकड़ कृषि योग्य भूमि की सिंचाई होने की संभावना है।
वर्तमान में झारखंड में उपलब्ध केवल 22 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि किसी प्रकार की सिंचाई प्रणाली के तहत आती है।
वर्तमान में सूखे का सामना कर रहे राज्य में अनियमित बारिश के कारण गैर सिंचित क्षेत्रों में फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
इसलिए ग्रामीण विकास विभाग के लिए जल संरक्षण एक चिंता का कारण है, जो विभिन्न आकारों के छोटे जलाशयों के निर्माण के लिए मनरेगा का इस्तेमाल करता रहा है।
सिन्हा ने कहा कि राज्य में लगभग छह लाख छोटे जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य है, लेकिन मानसूनी बारिश के कारण यह काम रोकना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि 20 जून तक 1.20 लाख छोटे जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य था, लेकिन एक लाख जलाशयों का निर्माण ही हो पाया।
उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण कार्य में ‘कुछ अनियमितताओं’ सहित लक्ष्य पूरा न हो पाने के कई कारण हैं।
dharmpath.com dharmpath