रांची, 14 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड सरकार ने प्रदेश में सिंचाई के लिए खोदे गए गड्ढों से लोगों को दूर रहने को कहा है। इन गड्ढों को स्थानीय भाषा में ‘दोवा’ कहा जाता है। सरकार ने यह परामर्श इसमें डूबकर कई लोगों की मौत के मद्देनजर दिया है, क्योंकि बारिश के कारण ये गड्ढे पानी से लबालब भर गए हैं।
स्थानीय अखबारों में छपे विज्ञापनों के मुताबिक, “इन जलाशयों को सूखे से जूझ रहे किसानों की मदद के लिए खोदा गया था। लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों से कुछ दुर्भाग्यपूर्ण खबरें आई हैं। यह लोगों की जिम्मेदारी है कि वे एक-दूसरे की मदद करें और जागरूकता फैलाएं।”
विज्ञापन में लोगों से बच्चों को इन गड्ढों के निकट जाने से रोकने और इसके पास लाल झंडा लगाने को कहा गया है, ताकि ग्रामीण इससे दूर रह सकें।
बीते महीने इन जलाशयों में 19 बच्चों सहित 22 लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है।
विपक्षी पार्टियों ने इन गड्ढों से होने वाले खतरों को नजरअंदाज करने के लिए सरकार की आलोचना की है।
कांग्रेस के राज्य महासचिव आलोक दूबे ने आईएएनएस से कहा, “सरकार 22 से अधिक लोगों की मौत के बाद गहरी निद्रा से जागी है। सरकार अखबारों में केवल विज्ञापन देकर अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती।”
ग्रामीण विकास व कृषि विभाग द्वारा पूरे झारखंड में एक लाख से अधिक गड्ढे खोदे गए हैं, जिनसे राज्य में लगभग 75 हजार हेक्टेयर खेतों की सिंचाई की संभावना है।
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