नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अब सभी डिब्बाबंद वस्तुओं को छह जरूरी जानकारियां प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी। ये जानकारियां पैकेट के कम से कम 40 फीसदी क्षेत्र (ऊपर और नीचे के हिस्से को छोड़कर) में प्रदर्शित होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता उसे आसानी से पढ़ सकें।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस उद्देश्य के लिए मंत्रालय ने डिब्बाबंद वस्तुओं के नियमों में बदलाव किए हैं। मसूरी में गुरुवार को भारतीय मानक ब्यूरो की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जुलाई से इन संशोधित नियमों को लागू कराया जाना सुनिश्चित करें।
संशोधन के मुताबिक, पैकेट के 40 फीसदी हिस्से पर पढ़ने लायक फॉन्ट साइज में निर्माता का नाम/पैकेजर/आयातक, उत्पाद की शुद्ध मात्रा, उत्पाद के निर्माण की तिथि, खुदरा बिक्री मूल्य और उपभोक्ता देखभाल संपर्को को प्रदर्शित करना होगा। नए नियमों का सख्ती के साथ पालन हो, इसके लिए निगरानी विभाग भी बनाया जाएगा।
पासवान ने कहा, “मंत्रालय उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए त्वरित प्रतिक्रिया पद्धति स्थापित कर रहा है। साथ ही मौजूदा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को भी इसके लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा अब एक वरिष्ठ अधिकारी दैनिक आधार पर शिकायतों के निपटान की निगरानी करेगा।”
पासवान ने उम्मीद जताई कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, जिसमें उपोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कई प्रावधानों को शामिल किया गया है, बजट सत्र के दूसरे हिस्से में संसद द्वारा पास कर दिया जाएगा।
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