लखनऊ, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सन् 2019 तक उत्तर प्रदेश के हर घर में बिजली पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उप्र को जितनी भी बिजली चाहिए, उसे मिलेगी। प्रदेश सरकार ने बिजली के क्षेत्र में कुछ नहीं किया।
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा, “2014 में मोदी सरकार आने के बाद हमने उप्र में बिजली का काम शुरू कराया। केंद्र सरकार के ग्रामीण विद्युतीकरण अभियान के तहत बिजली के काम को आगे बढ़ाया गया।”
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2012 से 2013 के बीच उप्र में सिर्फ तीन गांवों का विद्युतीकरण किया गया। वहीं 2013-2014 के बीच एक भी गांव को बिजली से नहीं जोड़ा गया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य में विद्युतीकरण के काम पर अब नजर रखी जाएगी। इसके लिए एक हजार जिला विद्युत अभियंताओं की नियुक्ति की गई है। ये बिजली इंजीनियर हर महीने समीक्षा कर केंद्र को रिपोर्ट भेजेंगे।
पीयूष गोयल ने बताया कि बिजली से संबंधित विद्युत प्रवाह मोबाइल ऐप लांच किया गया है। इस एप से हर कोई जान सकेगा कि पावर एक्सचेंज में कितनी बिजली उपलब्ध है और उसकी कीमत कितनी है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत उप्र को सबसे ज्यादा करीब 6000 करोड़ के प्रोजेक्ट दिए गए हैं।
भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पार्टी में मंच संस्कृति खत्म होनी चाहिए।
गोयल ने कहा, “कार्यकर्ता अखबारों, टीवी की नकारात्मक खबरों और प्रचार से प्रभावित न हों। हमारी विफलता का कारण हम ही होंगे। केंद्र सरकार जितने कार्य कर रही है, उसकी जानकारी जनता तक पहुंचनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय जयंती वर्ष में लगातार कार्यक्रम होंगे। उपाध्याय ने जो बात पचास साल पहले कही थी, उसकी चर्चा अब हो रही है। सबसे निचले तबके का विकास जरूरी है। अंत्योदय पार्टी की भावना है, जिस पर सरकार चल रही है।
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