चेन्नई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनावी अधिसूचना में गड़बड़ियों को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तमिलनाडु में निकाय चुनाव को रद्द कर दिया।
चुनाव 17 अक्टूबर और 19 अक्टूबर को होने वाले थे और 497,840 नामांकन पत्र भरे जा चुके थे।
जनजातियों के लिए कम सीटें आरक्षित करने का आरोप लगाते हुए डीएमके ने मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और आनन-फानन में चुनाव की घोषणा करने पर आपत्ति जताई थी।
चुनावी अधिसूचना रद्द करते हुए अदालत ने तमिलनाडु राज्य चुनाव आयोग को नई अधिसूचना जारी करने और दिसंबर, 2016 तक चुनाव कराने के निर्देश दिए।
तमिलनाडु राज्य चुनाव आयोग ने गत 25 सितम्बर को निकाय चुनाव की घोषणा की थी और अगले दिन से ही नामांकन पत्र भरने का काम शुरू हो गया था। नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि तीन अक्टूबर थी।
कई राजनीतिक दलों ने त्वरित गति से शुरू की गई चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
कई राजनीतिक पार्टियों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है।
पीएमके के संस्थापक एस.रामदास ने एक बयान जारी कर कहा कि अदालत के फैसले का स्वागत है, क्योंकि यह लोकतंत्र की रक्षा करता है।
उन्होंने राज्य चुनाव आयोग और तमिलनाडु सरकार से उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करने का अनुरोध किया।
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