चेन्नई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी और आर्थिक नीतियों के खिलाफ प्रमुख ट्रेड यूनियनों के विरोध प्रदर्शन का तमिलनाडु में सामान्य जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
सभी ट्रेड यूनियन अपनी 12 मांगों को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
सार्वजनिक वाहनों को सड़कों पर देखा जा रहा है। हालांकि, इनकी संख्या कम है। शैक्षिक संस्थान अपने नियमित रूप से काम कर रहे हैं। सड़कों पर स्कूली बच्चों की बसों को भी देखा गया है।
ट्रेड यूनियनों के विरोध प्रदर्शन से हालांकि शाखा बैंकिंग के काम पर प्रभाव पड़ा है, क्योंकि बैंक यूनियनों ने भी इस हड़ताल में अपनी सहभागिता दर्शाई है।
देश भर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी इस हड़ताल के समर्थन में हैं। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक के कर्मचारी भी शामिल हैं।
ऑल इंडिया बैंक कर्मचारियों के संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी.एच.वेंकटाचलम ने अपने बयान में कहा कि वे सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों और विरोधी कार्यकर्ता श्रम सुधारों विरोध करते हैं।
त्रिपुर में होजरी इकाइयों का काम भी बंद है। इस हड़ताल से केरल में चलने वाली अंतर-राज्य बसों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरैमलाई नगर और श्रीपेरुं बुदूर सहित कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्टरियों का काम नियमित रूप से जारी है।
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