तृणमूल नेताओं के खिलाफ स्टिंग पर लोकसभा में हंगामा (लीड-1)

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। लोकसभा में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन पर जोरदार हंगामा हुआ। स्टिंग ऑपरेशन एक न्यूज पोर्टल ने किया है, जिसकी सीडी में तृणमूल के नेताओं को एक फर्जी कंपनी की मदद की एवज में पैसे लेते दिखाया गया है। नेताओं में कुछ तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी हैं।

लोकसभा में जहां माकपा, कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के सदस्यों के सदस्य जहां कार्रवाई की मांग कर रहे थे, वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इसे बकवास और पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र बताया।

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान माकपा के मोहम्मद सलीम, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और भाजपा के एस.एस. आहलुवालिया ने इस मुद्दे को उठाया और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।

सलीम ने कहा, “हमलोग शर्मिदा हैं कि हमलोगों को उनके साथ बैठना पड़ रहा है, जिन्हें लॉबी करने के लिए पैसे लेते दिखाया गया है। इस मामले की जरूर जांच होनी चाहिए और दोषी सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। सदन ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। 14वीं लोकसभा में उन्हें निष्कासित भी किया जा चुका है।”

सलीम ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि उस न्यूज पोर्टल से स्टिंग की सीडी मंगाई जाए और कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाए।

पश्चिम बंगाल के बेरहामपुर लोकसभा सीट से सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “हम सभी भी इस घटना से शर्मशार हैं।”

इस मुद्दे पर दार्जिलिंग से लोकसभा सदस्य आहलुवालिया ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई के लिए इस मसले को सदन की आचार समिति के पास भेज देना चाहिए।

जवाबी हमला करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत राय ने कहा, “यह पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कांग्रेस, माकपा और भाजपा का राजनीतिक षड्यंत्र है। जो लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं वे हत्यारे हैं।”

इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और मकपा के सलीम के बीच गरमा-गरम बहस हुई।

इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि इस मामले सत्य जरूर उजागर होना चाहिए, क्योंकि इसका संबंध सदस्यों के आचार और व्यवहार से है।

उल्लेखनीय है कि तृणमूल नेताओं को घूस लेते हुए कैमरे में कैद किए जाने से सोमवार को चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में पार्टी को अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा।

यह स्टिंग ऑपरेशन एक वेबसाइट नारद न्यूज ने किया और वीडियो को अपने साइट पर चढ़ा दिया। वीडियो में 11 तृणमूल नेताओं को एक फर्जी कंपनी की मदद के एवज में घूस लेते हुए दिखाया गया है। इन तृणमूल नेताओं कुछ पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और सांसद भी हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493