हैदराबाद, 25 जुलाई (आईएएनएस)। पुलिस ने सोमवार को मल्लन्ना सागर सिंचाई परियोजना के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए तेलंगाना के मेडक जिले की ओर जा रहे विपक्षी दलों के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा, तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (टीजीएसी) के अध्यक्ष एम. कोदांदरम, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) की तेलंगाना इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी और विपक्षी पार्टियों के नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
वे रविवार को पुलिस के लाठीचार्ज में घायल हुए ग्रामीणों से मिलने जा रहे थे।
मल्लन्ना सागर परियोजना की वजह से डूब का सामना कर रहे गांवों के लोग जब मेडक-करीमनगर राजमार्ग बाधित करने के लिए उस ओर बढ़ रहे थे, तभी समस्या शुरू हुई।
विपक्षी पार्टियों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है और आरोप लगाया है कि सरकार लोगों के आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है।
विपक्षी पार्टियों द्वारा सोमवार को मेडक जिले में आहूत बंद को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली।
सिंचाई मंत्री हरीश राव ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पार्टियां लोगों को उकसा रही हैं, जिसके कारण हिंसा उपज रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी पर भी अपनी जमीन छोड़ने का दबाव नहीं डाल रही। उन्होंने हैदराबाद में संवाददाताओं से कहा कि छह गांवों के लोग स्वेच्छा से अपनी जमीन देने के लिए आगे आए थे।
पुलिस ने जब हैदराबाद-करीमनगर राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया, तो उसमें 50 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए। मेडक जिले के पल्लेपहाड़ के नजदीक हिंसा शुरू हो गई।
प्रस्तावित सिंचाई परियोजना के कारण जिले के 14 गांवों के लोगों को डूब का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन लोग उनकी भूमि के अधिग्रहण के सरकार के हाल ही में जारी किए गए आदेश का विरोध कर रहे हैं।
किसान भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत पर्याप्त मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
सभी विपक्षी राजनीतिक दल भूमि से बेदखल किए गए किसानों का समर्थन कर रहे हैं।
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