अगरतला, 27 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा सरकार के एक मंत्री ने सोमवार को कहा कि राज्य में माता-पिता द्वारा दायर ऐसी याचिकाओं में वृद्धि हुई है, जिनमें शिकायत की गई है कि उनके बच्चे उनका ख्याल नहीं रख रहे हैं।
कानून और शिक्षा मंत्री तपन चक्रवर्ती ने राज्य विधानसभा में कहा, “हाल के दिनों में बुजुर्ग माता-पिता ने अपने बच्चों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में 55 मामले दर्ज कराए हैं। उन्होंने याचिकाओं में खर्च की मांग की है।”
जिन बच्चों के खिलाफ उनके माता-पिता ने मामले दायर किए हैं, उनमें से अधिकांश सरकारी कर्मचारी हैं।
मंत्री ने कहा कि महिला घरेलू हिंसा संरक्षण कानून के तहत पिछले तीन वर्षो में त्रिपुरा में विभिन्न स्थानीय अदालतों में महिलाओं द्वारा कम से कम 1,907 मामले दर्ज कराए गए हैं।
विपक्षी कांग्रेस के विधायक रतन लाल नाथ ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा में महिलाओं के खिलाफ कथित अपराध बढ़ रहे हैं।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही सात महिला पुलिस थानों की स्थापना की है और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से जल्द निपटने के लिए चार अन्य महिला पुलिस थानों की स्थापना की जाएगी।
सरकार ने कहा, “अतिरिक्त महिला पुलिस कर्मियों की भर्ती और महिला पुलिस थानों की स्थापना के अलावा, राज्य सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए कई सारे कदम उठाए हैं।” सरकार के पास गृहमंत्रालय का प्रभार भी है।
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