अगरतला, 10 जुलाई (आईएएनएस)। त्रिपुरा में पृथक राज्य की मांग कर रहे आदिवासी राजनीतिक दल ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान करते हुए सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग और पूर्वोत्तर के एकमात्र रेलमार्ग को जाम कर दिया।
पार्टी ने पृथक राज्य की मांग के समर्थन में दो महीने से अभियान छेड़ रखा था।
त्रिपुरा की आदिवासी पार्टी इंडीजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के हजारों कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बारिश की परवाह न करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-8 को जाम कर दिया और त्रिपुरा को आने वाले एकमात्र रेलमार्ग को खामटिंग बारी में बाधित कर दिया है।
आईपीएफटी की पृथक राज्य की मांग और विरोदर्शनों की धुर समर्थक त्रिपुरा की वाम मोर्चा की सरकार ने बारामुरा पर्वतीय इलाके के चारो-ओर सख्त सुरक्षा व्यवस्था की हुई है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) और त्रिपुरा पुलिस के कई हजार सुरक्षाकर्मियों को रविवार से इलाके में तैनात किया गया है तथा पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) के. वी. श्रीजेश सुरक्षा बंदोबस्त की कमान संभाले हुए हैं।
आईपीएफटी पिछले कई वर्षो से त्रिपुरा जनजाति स्वायत्त जिला परिषद के अधीन आने वाले इलाकों को त्रिपुरा से काटकर पृथक राज्य बनाने की मांग करता रहा है। इस संबंध में आईपीएफटी राष्ट्रीय राजधानी में कई बार धरना प्रदर्शन भी कर चुका है और केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष अपनी मांग रख चुका है।
पुलिस महानिरीक्षक श्रीजेश ने आईएएनएस को बताया, “अब तक किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने अपने नेताओं के साथ शांतिपूर्ण तरीके से राजमार्ग और रेलमार्ग को जाम किया हुआ है।”
उन्होंने बताया, “पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अगरतला और सिल्चर के बीच सभी रेलगाड़ियां रद्द कर दी हैं। हम किसी तरह की अप्रिय घटना को टालने के लिए हर तरह के कदम उठा रहे हैं और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर रहे हैं।”
आईपीएफटी अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की वाम मोर्चा सरकार पर दबाव बनाने के लिए अनिश्चितकालीन सड़क/रेल रोको आंदोलन चलाना चाहती है।
आईपीएफटी के अध्यक्ष नरेंद्र चंद्र देबबर्मा ने यहां पत्रकारों से कहा, “हम अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग तब तक जाम रखेंगे, जब तक केंद्र सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन नहीं दे देती। राजधानी अगरतला में 23 अगस्त को इसी मुद्दे पर एक रैली का भी आयोजन किया जाएगा।”
देबबर्मा ने कहा, “हमने दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जीतेंद्र सिंह से 17 मई को मुलाकात की थी और अपनी मांगों पर चर्चा की थी। मंत्री ने हमसे कहा था कि सरकार हमारी मांगों पर विचार करेगी।”
जीतेंद्र सिंह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास राज्यमंत्री भी हैं।
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