सियोल, 27 फरवरी (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया की संवैधानिक अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में राष्ट्रपति पार्क ग्युन-हे के खिलाफ महाभियोग की अंतिम सुनवाई सोमवार को शुरू कर दी।
समाचार एजेंसी योनहप की एक रपट के मुताबिक, राष्ट्रपति हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं हुईं, बल्कि उनके वकील ने उनका अंतिम बयान पढ़ा।
अभियोजन पक्ष की तरफ से अंतिम बहस नेशनल एसेंबली महाभियोग समिति ने की, जिसकी शुरुआत इसके अध्यक्ष कॉन सियांग-दोंग ने की।
अपनी मित्र चोई सून-सिल को कथित तौर पर देश के मामलों में मध्यस्थता करने की मंजूरी देने तथा उनके साथ मिलकर एक कंपनी से पैसे की उगाही करने को लेकर पार्क के खिलाफ नौ दिसंबर को महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था।
अगर अदालत महाभियोग को बरकरार रखती है और पार्क को उनके पद से स्थायी तौर पर हटा देती है, तो दक्षिण कोरिया को 60 दिनों के अंदर नए राष्ट्रपति का चुनाव करना होगा।
इस बीच, पार्क के दर्जनों समर्थकों ने अदालत से महाभियोग को खारिज करने की मांग को लेकर रैली की। प्रदर्शन हालांकि अहिंसक रहा, लेकिन कुछ लोगों ने कानून तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया।
पार्क विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सुनवाई शुरू होने से पहले अदालत के बाहर एक रैली की।
पार्क के वकील एक बार फिर सुनवाई की वैधता को चुनौती दे सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि सुनवाई को समय से पहले खत्म कर अदालत पार्क के प्रति निष्पक्षता नहीं दर्शा रही है।
उनमें से कुछ लोगों ने संकेत दिया है कि वे न्यायालय के फैसले को स्वीकार नहीं कर सकते हैं, क्योंकि फैसला नौ की जगह आठ न्यायाधीशों द्वारा दिया जाना चाहिए, क्योंकि बीते महीने मुख्य न्यायाधीश पार्क हान-चुल अपने पद से सेनानिवृत्त हो गए हैं।
अदालत 13 मार्च को अपना फैसला सुना सकती है, जब कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ली जुंग-मी सेवानिवृत्त होने वाले होंगे।
कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने अटकलें लगाई हैं कि अदालत परंपरा से थोड़ा अलग हट सकती है और अनावश्यक सामाजिक संघर्ष को टालने के लिए सोमवार की सुनवाई के अंत में फैसला सुना सकती है।
अदालत सामान्य तौर पर फैसले की तारीख का ऐलान तीन या चार दिन पहले करती है।
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