उन्होंने कहा कि यदि भाजपा से गठबंधन के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री भाजपा का तो उप मुख्यमंत्री आईपीआई का होगा। वहीं बसपा मुखिया मायावती को अच्छा प्रशासक बताते हुए स्ट्रांग और पैसे वाली लेडी बताया। साथ ही दलितों पर हो रहे अत्याचार रोकने में असफल बताते हुए कहा कि उप्र में बसपा सरकार में भी दलित मुद्दों व दलित अत्याचार रोकने पर ज्यादा काम नहीं हुआ है। अब आरपीआई दलितों की आवाज को उठाने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि बहन मायावती हम पर भाजपा की गोद में बैठने का आरोप लगा रही हैं लेकिन उन्होंने खुद तीन बार भाजपा की गोद में बैठकर सरकार बनाई। अब बहन जी चाहें तो वे अपने भाई के घर यानी आरपीआई में आ जाएं। अठावले ने प्रदेश को बड़ा राज्य बताते हुए उप्र को दो हिस्सों में बांटने की वकालत करते हुए कहा कि वह इसके लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात करेंगे।
इससे पहले जेएस हिंदू कालेज में आयोजित सामाजिक न्याय अधिकार रैली व जनसभा में अठावले ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि लंबे समय तक देश में राज कांग्रेस ने किया। इसके बाद भी वह देश में जात-पात खत्म करने में असफल रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में झगड़े की राजनीति बंद हो। झगड़ा करना है तो पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश से करो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान देश को बार-बार धोखा दे रहा है अब सबक सिखाने का मौका आ गया है।
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