नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने दलितों पर हमलों के मुद्दे पर सोमवार को सदन से बहिर्गमन किया और मुद्दे पर गंभीर न होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लिया।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुद्दे को उठाया और प्रश्नकाल के खत्म होने के बाद इस पर चर्चा की मांग की।
तेलंगाना में रविवार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की ओर संकेत करते हुए खड़गे ने कहा, “दलितों पर हमलों से निपटने के लिए मोदी जी पूरी तरह गंभीर नहीं हैं।”
लोकसभा सदस्य सुमित्रा महाजन ने उन्हें आश्वस्त किया कि कार्यसूची में शामिल कामकाज के पूरा होने के बाद वह उन्हें अपनी बात रखने का मौका देंगी। इसके बावजूद कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के निकट एकत्र हो गए।
उन्होंने हालांकि महाजन की बात नहीं सुनी और सदन से बहिर्गमन किया।
बाद में संसद के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में खड़गे ने कहा, “प्रधानमंत्री लाचार हो चुके हैं, वह कमजोर हो गए हैं और इसीलिए उन्हें यह तक कहना पड़ा है कि दलित भाइयों को गोली मारने से पहले लोग उन्हें गोली मार दें।”
खड़गे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर संसद में बयान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “संसद में जवाब देने की बजाय वह संसद से बाहर बयान दे रहे हैं। हमने नियम 193 के तहत उन्हें मुद्दे पर चर्चा करने को कहा था, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।”
तेलंगाना के अपने पहले दौरे पर मोदी ने रविवार को स्पष्ट किया कि जाति आधारित भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जातिगत मुद्दों के राजनीतिकरण को खत्म करने का आह्वान किया और आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां, जो दलितों को अपना वोट बैंक समझती हैं और केंद्र सरकार द्वारा किए गए पहलों से सशंकित हैं, दलितों को प्रभावित करने के लिए इस तरह के मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
मोदी ने किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा, “मैं ऐसे सभी लोगों से यह कहना चाहता हूं कि यदि आप हमला करना चाहते हैं, तो मुझपर कीजिए मेरे दलित भाइयों पर नहीं। यदि आप गोली मारना चाहते हैं, तो मुझे मारिए, मेरे दलित भाइयों को नहीं।”
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