लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में दादरी के बिसाहड़ा गांव में हुई अखलाक की हत्या मामले में मथुरा की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर उप्र में सियासी घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि अखलाक के परिवार को न्याय मिलेगा जबकि दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगना शुरू कर दिया है।
लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में दादरी के बिसाहड़ा गांव में हुई अखलाक की हत्या मामले में मथुरा की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर उप्र में सियासी घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि अखलाक के परिवार को न्याय मिलेगा जबकि दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अखलाक के फ्रिज में बीफ ही था। इस मामले में उप्र सरकार ने इस परिवार को क्लीन चिट दे दिया था। अब इस पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। विपक्षी नेताओं के निशाने पर उप्र सरकार है। विपक्षी दल अब जवाब मांग रहे हंै।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि दादरी कांड की जांच हो रही है और अखलाक के परिवार को पूरा न्याय मिलेगा। कौन क्या खाता है इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। पुलिस अपना काम कर रही है। न्याय दिलाने का काम किया जाएगा।
उन्होंने ने कहा, “इससे ज्यादा नहीं कहना चाहूंगा, आप सबको पूरी तरह से पता है। अगर आपने डीजीपी का बयान अखबारों में पढ़ा होगा तो आपको पता होगा कि वो जो टुकड़ा मिला था वो कहां से आया।”
अखिलेश ने कहा, “सब चाहते हैं कि परिवार को न्याय मिले, उसके परिवार में हत्या हुई है। और मैं समझता हूं कि दुनिया में बहस हत्या की वजह से छिड़ी जब उसकी हत्या हुई। कौन क्या खाता है, क्या पहनता है, किसी की भाषा क्या है इन विवादों से दूर रहना चाहिए।”
फोरेंसिक रिपोर्ट पर भाजपा की नेता साध्वी प्राची ने कहा कि जो दादरी में हुआ था वो सही था। सरकार इस बात का जवाब दे कि आखिर क्यों वो दादरी के सच को सामने नहीं आने देना चाहती थी।
उन्होंने कहा, “मैं शुरू से ही कहती रही हूं कि अखलाक के घर पर बीफ ही पकाया गया था। वो इसके पहले पाकिस्तान भी घूमकर आया था।”
साध्वी ने कहा कि अखलाक के परिवार के पाकिस्तान से तार जुड़े हुए हैं। वहां पर वो रहकर आए हैं। अब जब रिपोर्ट आई है कि फ्रिज में बीफ ही था। ये बात साबित भी हो गई है। ऐसे लोगों के साथ वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं जो लोग इसमें शामिल थे उनको भी फांसी होनी चाहिए।
भाजपा विधायक संगीत सोम ने कहा, “मैं पहले से ही कह रहा था कि ये सब यूपी सरकार ही करवा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की हिम्मत तो तब है जब सरकार अब इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करे और इन्हें जेल भेजे। उन्होंने कहा कि सरकार अगर इस तरह के मामले को दबाने की कोशिश करेगी तो बखेड़ा खड़ा होगा।”
उप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि अब उप्र सरकार को ये जवाब देना चाहिए कि अगर अखलाक के फ्रिज में बीफ था तो फिर पहली रिपोर्ट में मटन कैसे बताया गया। उन्होंने ये भी कहा कि रिपोर्ट में बीफ होना साबित हुआ है, लेकिन इसके बाद भी किसी को किसी की हत्या करने की छूट नहीं दी जा सकती।
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि सरकार को जनता के सामने सच्चाई लानी चाहिये कि एक ही सैंपल की दो रिपोर्ट कैसे आ गई।
भाजपा के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक का कहना है कि सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि कौन लोग थे जो दादरी के सच को बाहर नहीं आने देना चाहते थे। जो पहली रिपोर्ट आई उसमें मटन बताया गया जबकि ये रिपोर्ट बता रही है कि फ्रिज में बीफ ही था।
गौरतलब है कि बीफ पकाने की अफवाह फैलने के बाद पिछले साल 28 सितंबर को उग्र भीड़ ने अखलाक (50) के घर पर हमला बोलकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद अखिलेश सरकार ने पीड़ित परिवार को 45 लाख रुपये और फ्लैट देने का एलान किया था।
मथुरा की फोरेंसिक लैब रिपोर्ट मंगलवार को सामने आई। इसमें यह पाया गया कि अखलाक हत्याकांड में लिए मीट के सैम्पल गाय या बछड़े के ही थे।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर, 2015 में उप्र सरकार ने सैम्पल की जांच कराई थी। तब इसे बकरी या बकरे का मांस बताया था। दो अलग-अलग रिपोर्ट आने के बाद से ही अब इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
अखलाक के परिवार ने हालांकि मथुरा की लैब रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि घटना वाले दिन घर में किसी ने बीफ या गाय का मांस नहीं खाया था। एक सैंपल की अलग-अलग रिपोर्ट कैसे आ सकती है। पुलिस ने आरोपपत्र में गौतमबुद्धनगर के मुख्य पशुपालन अधिकारी की रिपोर्ट का हवाला दिया था कि मांस का टुकड़ा बकरे था, बीफ नहीं था।
दादरी के डीएसपी अनुराग सिंह ने कहा कि उस दिन बिसहाड़ा गांव में मीट का सिर्फ एक सैम्पल लिया गया। ये मीट का टुकड़ा घर के बाहर जख्मी हालत में मिले अखलाक के नजदीक पड़ा मिला था। जिसकी शुरुआती रिपोर्ट एक वेटनरी डॉक्टर ने तैयार की थी।
उन्होंने कहा कि हालांकि तब ये मटन जैसा लग रहा था। लेकिन बाद में पुष्टि के लिये इसे मथुरा फोरेंसिक लैब भेजा गया। यही रिपोर्ट अब सामने आई है।
दादरी मामले के 19 आरोपियों की सुनवाई फिलहाल गौतमबुद्धनगर के त्वरित अदालत में चल रही है। एक आरोपी के वकील रामशरण नागर ने अदालत से मथुरा लैब की रिपोर्ट मुहैया कराने की गुजारिश की थी। इसका सरकारी वकील ने विरोध किया, लेकिन अदालत ने नई रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया था।
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