नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार उन अधिकारियों को दंडित करने के लिए जल्द ही एक विधेयक लाएगी, जो अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) से संबंधित धन का दुरुपयोग करते हैं। सरकार इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक अनुसूचित जाति आयोग की स्थापना की भी योजना बना रही है।
दिल्ली के एससी एवं एसटी मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने विधानसभा में सोमवार को यह घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा सदस्यों द्वारा पांच लाख से ज्यादा एससी/एसटी व अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने पर चिंता जताने पर की।
मंत्री की यह टिप्पणी आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य आदर्श शास्त्री द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने पर आई। शास्त्री ने दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (डीडीसी) की एक रपट का जिक्र करते हुए कहा कि पांच लाख से ज्यादा एससी/एसटी व अल्पसंख्यकों को दिल्ली में अभी भी छात्रवृत्ति वितरित की जानी है।
उन्होंने कहा कि करीब 5.57 लाख छात्रवृत्ति वितरित होनी है और इसमें 16 महीनों की देरी हुई है।
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