दिल्ली दुष्कर्म मामले का दोषी ‘किशोर’ रिहा होगा (लीड-1)

नई दिल्ली, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि 16 दिसम्बर, 2012 के दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए ‘किशोर’ को अधिक समय तक सुधार गृह में नहीं रखा जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति जी.रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने कहा कि अपराध के समय किशोर रहे इस दोषी को 20 दिसंबर के बाद सुधार गृह में नहीं रखा जा सकता। 20 दिसंबर इस अपराधी की रिहाई का दिन है।

पीठ ने कहा, “इस आशय का कोई निर्देश नहीं हो सकता कि 20 दिसंबर के बाद इसे (अपराधी को सुधार गृह में) रखा जाए।”

पीठ ने किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) को निर्देश दिया कि वह किशोर से, उसके माता-पिता/अभिभावक से और दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इस दोषी की रिहाई के बाद के पुनर्वास और सामाजिक जीवन में हिस्सेदारी पर बात करें।

अदालत ने कहा कि कानून के मुकाबले में खड़े ऐसे दोषी किशोरों की रिहाई से पहले सुधार के आकलन का जो मुद्दा मुख्य याचिका में उठाया गया है, वह सार्वजनिक महत्व का बड़ा मुद्दा है और इस पर गहराई से विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने इस मामले में सरकार से आठ हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।

अदालत ने मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग को पक्षकार बनाते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 मार्च, 2016 की तारीख तय की।

न्यायालय का यह आदेश भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने इस ‘नहीं सुधरे किशोर दोषी’ की रिहाई को रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे अपराधियों की रिहाई तभी होनी चाहिए जब बेहद ठोस रूप से यह साबित हो जाए कि वे सुधर गए हैं, चरमपंथी नहीं हैं और समाज के लिए खतरा नहीं हैं।

केंद्र सरकार ने कहा था कि रिहाई को टाल देना चाहिए। सरकार का तर्क यह था कि उसके मानसिक स्वास्थ्य समेत तमाम पहलुओं और रिहाई के बाद उसके पुनर्वास की योजनाओं पर अधिकारियों को पहले विचार कर लेना चाहिए।

16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में पैरा-मेडिकल की छात्रा से दुष्कर्म के समय यह आरोपी किशोर था। उसे सुधार गृह में तीन साल रखने का आदेश अदालत ने दिया था।

इससे पहले अदालत ने खुफिया ब्यूरो (आईबी) से कहा था कि सीलबंद लिफाफे में इस बारे में जानकारी दे कि क्या इस किशोर अपराधी का झुकाव चरमपंथ की ओर हो गया है? आईबी ने संदेह जताया था कि दिल्ली बम विस्फोट के आरोपी किशोर के संपर्क में आने के बाद इसका झुकाव चरमपंथ की तरफ बढ़ा है।

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