तिरुवनंतपुरम, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने बुधवार को कहा कि अगर दिल्ली पुलिस ने केरल भवन पर छापा मारने के मामले में अपनी गलती नहीं मानी तो केरल सरकार उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
आरोप है कि एक संस्था द्वारा गोमांस परोसे जाने की शिकायत पर दिल्ली पुलिस के 20 अफसरों ने केरल भवन पर सोमवार को छापा मारा था। लेकिन, पुलिस का कहना है कि उसने कोई छापा नहीं मारा और न ही कोई गलत कार्रवाई की।
केरल भवन की कैंटीन में भैंस का मांस परोसा जाता है। भैंस के मांस को भी अंग्रेजी में बीफ कहते हैं।
कैबिनेट की बैठक के बाद चांडी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार सोमवार को मारे गए छापे के मामले में दिल्ली पुलिस के जवाब का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है और उन्होंने अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से जता दी है।
चांडी ने कहा, “मैंने मीडिया में दिल्ली पुलिस का जवाब देखा है और हम ऐसे जवाब को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। हम कुछ समय और प्रतीक्षा करेंगे। अगर उन्होंने अपनी गलती नहीं मानी तो फिर हम कानूनी कदम उठाएंगे।”
उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस की कार्रवाई केंद्र और राज्यों के संबंध के प्रति सम्मान की कमी को दिखाती है। ऐसी ही बातों से इस रिश्ते पर असर पड़ता है।”
चांडी ने कहा, “यह एक गैर जरूरी कार्रवाई थी। नियम साफ तौर पर बताते हैं कि ऐसे मामलों में जांच का हक पशु चिकित्सक या पशुधन विभाग के अधिकारी को है। पुलिस को इसका हक ही नहीं है और इसी से हमें और तकलीफ हुई है।”
उन्होंने कहा, “दिल्ली में कानून बिलकुल साफ है। गोमांस नहीं परोसा जा सकता। भैंस का मांस परोसा जा सकता है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि जब तक कानून इजाजत देता रहेगा तब तक केरल भवन में भैंस का मांस परोसा जाता रहेगा।”
चांडी ने कहा, “हम मानते हैं कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद लोगों के मन में डर पैदा करना था।”
उन्होंने कहा कि छापा मारने से पहले दिल्ली पुलिस को केरल भवन के रेजिडेंट कमिश्नर से इजाजत लेनी चाहिए थी।
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