नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को पारित करने वाले राज्यों की सूची में बुधवार को दिल्ली भी शामिल हो गया।
दिल्ली विधानसभा में बुधवार को विधेयक को पारित कर दिया गया। यह विधेयक पारित करने वाला दिल्ली देश का 12वां राज्य है।
वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में जीएसटी विधेयक पेश किया।
उन्होंने कहा, “दिल्ली जीएसटी विधेयक को पारित करने वाला 12वां राज्य है। सिद्धांतत: यह विधेयक कारोबारियों के हित में है। हालांकि अनेक कारोबारियों ने विविध वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए प्रस्तावित कर की दर को लेकर चिंता जाहिर की है। मैं उनकी इन चिंताओं को तीन जून को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में उठाऊंगा।”
जीएसटी को आजाद भारत में सबसे बड़ा कर सुधार करार देते हुए सिसोदिया ने कहा कि जीएसटी लागू करते हुए अधिकारियों के बजाय आम नागरिकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जीएसटी विधेयक को कर सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि वह सिद्धांतत: इसका समर्थन करते हैं।
केजरीवाल ने कहा, “मैं खुद आयकर आयुक्त रह चुका हूं। मैं अच्छी तरह समझ सकता हूं कि करों की दर जितना कम रखी जाएगी, उसका अनुपालन उतना अधिक होगा। इसलिए हमारा प्रस्ताव है कि 18-28 फीसदी टैक्स स्लैब की जगह अधिकतम 10 फीसदी का एकमात्र टैक्स स्लैब रखा जाए।”
केजरीवाल ने कहा कि करोलबाग के विधायक विशेष रवि द्वारा अधिकतम 10 फीसदी का टैक्स स्लैब रखे जाने से संबंधित विधेयक भी पारित किया गया।
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