नई दिल्ली, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने स्कूल के अंदर पांच वर्षीय लड़की से दुष्कर्म मामले में रविवार को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए और मंगलवार को रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा।
पूर्वी दिल्ली के स्कूल से जुड़े मामले में स्कूल के एक चपरासी को गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि गांधी नगर के पास पूर्वी दिल्ली के रघुवरपुरा में स्कूल के अंदर स्कूल के कर्मचारी द्वारा यौन उत्पीड़न किया गया, मामले में मजिस्ट्रेट जांच उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) विवेक विहार की अगुवाई में हो रही है और इसकी रिपोर्ट तीन दिन में जमा होनी है।
यह मामला शनिवार को दोपहर बाद करीब 3 बजे सामने आया, जब बच्ची ने पेट में दर्द की शिकायत की। बच्ची की मां जब उसे शौचलाय ले गई तो देखा कि उसके प्राइवेट पार्ट से खून आ रहा था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपी की पहचान विकास (40) के रूप में हुई है। वह चपरासी का काम करता है, उसने पांच वर्षीय बच्ची को खाली कमरे में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने विकास को गिरफ्तार कर लिया है।”
बच्चे ने कहा कि हमलावर एक लाल रंग की टोपी पहने था।
पुलिस उपायुक्त नुपूर प्रसाद ने कहा, “यह घटना शनिवार को शाहदरा के टैगोर पब्लिक स्कूल में 11 बजे हुई। लड़की अपनी आधे घंटे की अतिरिक्त कक्षा का इंतजार कर रही थी।”
उन्होंने कहा, “विकास ने उसे कैंडी की लालच देकर एक खाली कक्षा में ले गया, जहां उसने बच्ची का यौन उत्पीड़न किया।”
प्रसाद ने कहा कि विकास ने बच्ची के मुंह पर हाथ रखा था और गंभीर दुष्परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “पीड़िता कक्षा एक की छात्र है, उसे चाचा नेहरू अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।”
प्रसाद ने कहा कि विकास उस्मानपुर का निवासी है। वह बीते तीन साल से स्कूल में काम कर रहा है। इससे पहले वह दो अन्य स्कूलों में काम कर चुका है।
पुलिस ने कहा कि मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। विकास पर बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच लड़की के दादा ने आरोप लगाया कि नाबालिग को चाचा नेहरू अस्पताल ले जाने पर पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में चिकित्सकों ने मामलों को गंभीरता से नहीं लिया और शनिवार शाम करीब 8.30 बजे लड़की को भर्ती किया।
लड़की के दादा ने आईएएनएस से कहा, “बच्ची अपने साथ घटित हुए अपराध से अभी भी डरी हुई है क्योंकि विकास ने उसे गंभीर नतीजा भुगतने की धमकी दी थी।”
उन्होंने कहा, “वह अपराध करते समय व गिरफ्तारी के समय नशे में था। लड़की को बाद में लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल भेज दिया गया, जहां से उसे रविवार की सुबह छुट्टी दे दी गई।”
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