‘दिवंगत अभिनेत्री सावित्री की बायोपिक बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ देगी’

मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। दिवंगत दिग्गज तेलुगू-तमिल अभिनेत्री सावित्री पर आधारित द्विभाषी बायोपिक दर्शकों को अभिनेत्री के बचपन से लेकर बुढ़ापे तक के विभिन्न चरणों को जानने का मौका देगी। तेलुगू में इसका नाम ‘महानती’ और तमिल में ‘नादिगयार थैलागम’ है।

मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। दिवंगत दिग्गज तेलुगू-तमिल अभिनेत्री सावित्री पर आधारित द्विभाषी बायोपिक दर्शकों को अभिनेत्री के बचपन से लेकर बुढ़ापे तक के विभिन्न चरणों को जानने का मौका देगी। तेलुगू में इसका नाम ‘महानती’ और तमिल में ‘नादिगयार थैलागम’ है।

इस बायोपिक में सावित्री के कुछ प्रतिष्ठित नाटकीय दृश्यों, गीतों और नृत्यों को भी पुनर्जीवित किया जाएगा।

सावित्री की भूमिका में कीर्ति सुरेश नजर आएंगी जबकि इस फिल्म का हिस्सा सामन्था अक्किनेनी, दलकुएर सलमान और विजय देवारकोंडा जैसे बड़े तेलुगू सितारें हैं।

देवरकोंडा बताते हैं, “जिन लोगों ने मुझे फिल्म अर्जुन रेड्डी के लगभग हर फ्रेम में देखा है वे आश्चर्यचकित होंगे कि मैंने इस फिल्म में अपेक्षाकृत छोटे हिस्से को क्यों चुना। महानती एक ऐसी फिल्म है जहां सभी कलाकारों ने निर्देशक नाग अश्विन को बिना किसी तरह के विरोध के आत्मसमर्पण कर दिया था। फिल्म की नायक सावित्री है। हम सब सहायक भूमिकाएं निभा रहे हैं।”

निर्माता प्रिंयका ने अपनी बहन स्वप्ना दत्त को भी इस फिल्म का हिस्सा बनाया है। वह कहती हैं कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा, “पिछले 45 वर्षों से हमारे परिवार के बैनर वैजयंती मूवीस ने बड़ी-बड़ी फिल्में दी और यह वाणिज्यिक सिनेमा का पर्याय बना। हमने विभिन्न बिंदुओं पर उद्योग की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों का निर्माण किया है। हमने राजमौली जैसे निर्देशकों और महेश बाबू, जूनियर एनटीआर जैसे कलाकारों को लॉन्च किया है।”

प्रियंका के पिता सी अश्विनी दत्त ने वैजयंती मूवीस की शुरुआत की थी।

उन्होंने कहा, “मैंने और मेरी बहन स्वप्ना दत्त ने 2015 में येवडे सुब्रमण्यम बनाई थी जो लीक से हटकर थी। यह पहली फिल्म थी जिसकी अधिकांश शूटिंग माउंट एवरेस्ट इलाके में हुई थी और इस कहानी को न केवल तेलुगू बल्कि भारतीय सिनेमा में कभी नहीं कहा गया था।”

‘महानती’ के बारे में प्रियंका बताती हैं, “अब अपनी सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना पर आते हैं। महानती दिवगंत अभिनेत्री सावित्री की बायोपिक है। पांच भाषाओं में 300 फिल्मों की यात्रा के दौरान उनके सामने नर्गिस या मधुबाला जैसी दिग्गज अभिनेत्रियां भी छोटी लगती थीं।”

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