भोपाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों को फांसी की सजा का कानूनी प्रावधान किए जाने की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि बेटियों के साथ अत्याचार करने वालों को फांसी की सजा देने का कानूनी प्रावधान किया जाना चाहिए। बेटियों की इज्जत खराब करने वाले दरिंदों को फांसी देने का कानून बनाने का अधिकार केंद्र को है।
सिंह ने आगे कहा कि हाल ही में मध्य प्रदेश ऐसी घटनाओं का केंद्रबिंदु बन गया है। महिलाओं से शारीरिक जबरदस्ती के मामले में भोपाल पूरे प्रदेश में नंबर वन पर है। जनवरी से जून 2017 के बीच 146 महिलाओं का जबरदस्ती शारीरिक शोषण हुआ है। कानून व्यवस्था नष्ट हो गई है। महिलाएं-युवतियां सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे ही हालात समूचे देश में भी बन रहे हैं। इसे देखते हुए तत्काल कदम उठाना जरूरी हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज को कानून बनाने की प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है। इस संबंध में अलग से विधेयक लाकर फिर उसे केंद्र और राष्ट्रपति के पास अनुमति के लिए भेजने की बजाय सीधे प्रधानमंत्री से बात करनी चाहिए। भाजपा की सरकार दोनों जगह है। प्रधानमंत्री जब ऐसा कानून बनाने से मना करें, तब राज्य की विधानसभा का सहारा लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री शिवराज ने राज्य के स्थापना दिवस के मौके पर कहा था कि वे मासूमों के साथ दुष्कर्म करने वालों को कड़ी सजा दिलाने के लिए विधानसभा के आगामी सत्र में विधेयक लाएंगे।
सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने अमेरिका यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश की दो उपलब्धियां की गिनाई थीं। एक वाशिंगटन की सड़कों से बेहतर सड़कें मप्र की हैं और दूसरी अमेरिका से ज्यादा सशक्त मध्य प्रदेश की महिलाएं हैं। दोनों झूठ की कलई 24 घंटे में ही खुल गई। राजधानी में सरेआम छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म होना, वह भी स्थापना दिवस को और उसके बाद रिपोर्ट लिखाने में छात्रा व उसके अभिभावकों का भटकना सब कुछ बताता है।
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