नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रमुख जलाशयों में 9 जून 2016 तक उनकी क्षमता का केवल 16 फीसदी पानी था, जोकि पिछले साल के मुकाबले 11 फीसदी कम है। जल संसाधन मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रमुख जलाशयों में 9 जून 2016 तक उनकी क्षमता का केवल 16 फीसदी पानी था, जोकि पिछले साल के मुकाबले 11 फीसदी कम है। जल संसाधन मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया, “91 प्रमुख जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 157.799 बीसीएम है, जो देश की अनुमानित जल भंडारण क्षमता 253.388 बीसीएम का लगभग 62 प्रतिशत है। इन 91 जलाशयों में 37 जलाशय ऐसे हैं जो 60 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ पनबिजली लाभ देते हैं।”
इसमें बताया गया, “उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान में 18.01 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध भंडारण 4.03 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 22 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्थिति 42 प्रतिशत थी।”
“पूर्वी क्षेत्र में झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा आते हैं। इस क्षेत्र में 18.83 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 15 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध भंडारण 3.44 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 18 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्थिति 30 प्रतिशत थी।”
“पश्चिमी क्षेत्र में गुजरात तथा महाराष्ट्र आते हैं। इस क्षेत्र में 27.07 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 27 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध भंडारण 3.34 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 12 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्थिति 20 प्रतिशत थी। “
“मध्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ आते हैं। इस क्षेत्र में 42.30 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध भंडारण 8.81 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 21 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्थिति 32 प्रतिशत थी।”
“दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजना), कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु आते हैं। इस क्षेत्र में 51.59 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 31 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध भंडारण 5.24 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 10 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्थिति 22 प्रतिशत थी।”
dharmpath.com dharmpath