नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबले के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को एकजुट होने का आह्वान किया।
राहुल ने विभिन्न पार्टियों के नेताओं तथा मुस्लिम समूहों से यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को धर्म व जाति के आधार पर बांट रहे हैं।
जमीयत उलेमा प्रमुख मौलाना अरशद मदनी की मेजबानी में सोमवार रात एक ईद मिलन समारोह में उन्होंने कहा, “लोगों को बांटना जितना आसान है, उन्हें एक करना उतना ही मुश्किल।”
कार्यक्रम में चौधरी अजित सिंह (राष्ट्रीय लोक दल), शरद यादव (जद-यू), सीताराम येचुरी (माकपा), अतुल कुमार अंजान (भाकपा), अशोक मलिक (समाजवादी पार्टी), संजय सिंह (आम आदमी पार्टी), जमात-ए-इस्लामी, जमात अहले हदीस, मुस्लिम मजलिस मुशवरत के प्रमुखों के साथ ही बरेलवी संप्रदाय के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने शिरकत की।
गुलाम नबी आजाद के साथ ही कांग्रेस के कम से कम दर्जन भर नेताओं ने कार्यक्रम में शिरकत किया।
राहुल ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष मतों के बंटवारे से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला।
अजित सिंह व अन्य को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अगर सांप्रदायिक ताकतों को हराना है, तो हमें एक होने की जरूरत है।”
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उनकी पार्टी देश की सांप्रदायिक व फासीवादी ताकतों को देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को बदलने नहीं देगी।
उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने सन् 1947 में देश के बंटवारे का मजबूती से विरोध किया था। मदनी ने कहा, “हमने धर्मनिरपेक्ष भारत को स्वीकार किया है और इस देश की धर्मनिरपेक्षव लोकतांत्रिक छवि पर आंच नहीं आने देंगे।”
वहीं, शरद यादव ने कहा कि भारत में धर्मनिरपेक्ष लोगों की तादाद सर्वाधिक है। लेकिन यह देखा गया है कि धर्मनिरपेक्ष मतों का बंटवारा हो जाता है, जिससे भाजपा व उससे संबद्ध पार्टियों को फायदा हो जाता है।
उन्होंने कहा, “सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ने से रोकने के लिए हमें एक होने की जरूरत है।”
मुस्लिम मजलिस मुशवरत के पूर्व महासचिव इलियास मलिक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष प्रकृति की पार्टियां एक साथ आएंगी।
उन्होंने संकेत दिया कि मुसलमान नेताओं का एक समूह सभी धर्मनिरपेक्ष समूहों को एक साथ लाने के लिए एक वार्ता की शुरुआत करेगा।
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