हैदराबाद, 4 नवंबर (आईएएनएस)। शीर्ष नक्सली नेता अक्किराजू हरगोपाल उर्फ रामकृष्ण (आर.के.) सुरक्षित हैं। यह जानकारी क्रांतिकारी लेखक वरवर राव ने दी है।
नक्सलियों के हमदर्द राव ने गुरुवार देर रात इस बात का खुलासा किया। इससे पहले हैदराबाद उच्च न्यायालय ने रामकृष्ण की पत्नी सिरिशा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई की और उन्हें दो सप्ताह के अंदर इस आरोप के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा कि उनके पति पुलिस हिरासत में हैं।
आर.के. के नाम से मशहूर रामकृष्ण गत 24 अक्टूबर को ओडिशा के मल्कानगिरी जिले में नक्सलियों और पुलिस के बीच हुई कथित गोलीबारी के बाद से गायब थे।
नागरिक अधिकार संगठनों और नक्सलियों के हमदर्दो ने आरोप लगाया था कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य आर.के. पुलिस हिरासत में हैं।
सिरिशा ने आर.के. को अदालत में पेश करने के लिए पुलिस को निर्देश देने के आग्रह के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने अदालत से कहा था कि आर.के. उसकी हिरासत में नहीं हैं।
वरवर राव ने कहा कि उन्हें आर.के. के सुरक्षित होने की खबर मिली है।
उन्होंने कहा, “उन्हें एक फोन आया था कि आर.के. सुरक्षित हैं।”
राव ने मांग की कि ओडिशा-आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में पुलिस तलाशी अभियान बंद करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस निर्दोष आदिवासियों की गोली मारकर हत्या कर रही है।
पहले वरवर राव ने कहा था कि रामकृष्ण पुलिस अभियान में घायल हो गए थे और वह पुलिस हिरासत में हो सकते हैं।
राव की घोषणा के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने मांग की है कि वह नक्सल नेता के ठिकाने की जानकारी दें क्योंकि उनके (आर.के.) खिलाफ कई आपराधिक मामले पुलिस में दर्ज हैं।
पुलिस महानिदेशक एन. संबासिवा राव ने कहा कि पुलिस के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाए गए। जबकि यह बार-बार स्पष्ट किया गया कि आर.के. पुलिस हिरासत में नहीं हैं।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उन लोगों ने पुलिस के खिलाफ आरोप क्यों लगाए और आर.के. के ठिकाने के बारे में विस्तृत जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध करानी चाहिए।
dharmpath.com dharmpath