दतिया, 8 जुलाई (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तीन साल के लिए चुनाव लड़ने में अयोग्य ठहराए गए मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रतिद्वंद्वी राजेंद्र भारती का आरोप है कि मिश्रा ने राहत पाने के लिए चाल चलकर जबलपुर में ‘छद्म याचिका’ (प्रॉक्सी पिटीशन) दायर कराई थी, ताकि मामला लंबित रहे।
मिश्रा ने आयोग के फैसले को चुनौती देने के लिए पहले ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दी थी, बाद में मामला जबलपुर की मुख्यपीठ में स्थानांतरित करवा लिया। अब भारती ने रजिस्ट्रार जनरल को आवेदन देकर सुनवाई ग्वालियर में ही जारी रखने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 23 जून को एक आदेश जारी करके नरोत्तम मिश्रा को वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल के लिए अयोग्य ठहराया था, जिसके खिलाफ मिश्रा ने ग्वालियर खंडपीठ में एक याचिका दायर की थी।
ग्वालियर में अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते पांच जुलाई को मिश्रा और प्रतिद्वंद्वी राजेंद्र भारती ने स्वयं अपनी पैरवी की थी। सुनवाई की अगली तारीख 10 जुलाई तय की गई थी।
ग्वालियर खंडपीठ में सुनवाई चल रही थी, इसी बीच जबलपुर निवासी सुरेंद्र दुबे की तरफ से एक याचिका जबलपुर उच्च न्यायालय में दायर की गई, जिस पर सुनवाई 11 जुलाई को तय है। दुबे ने निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बावजूद मिश्रा के मंत्री व विधायक रहने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
इसी बीच जनसंपर्क मंत्री की ओर से जसनीत सिंह होरा द्वारा दिए गए आवेदन में प्रकरण को ग्वालियर से जबलपुर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकारते हुए प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ने प्रकरण को जबलपुर स्थानांतरित करने का आदेश दिया। इस पर सुनवाई 11 जुलाई को प्रिंसिपल बेंच जबलपुर में नियत की गई है।
राजेंद्र भारती ने प्रकरण को स्थानांतरित किए जाने पर उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को शनिवार को एक आवेदन किया है, जिसमें कहा गया है कि ग्वालियर खंडपीठ में सुनवाई चल रही थी, और वे तथा मिश्रा ग्वालियर के नजदीक (70 किलोमीटर) के निवासी हैं, जबकि जबलपुर छह सौ किलोमीटर से ज्यादा दूर है और उनका क्षेत्र ग्वालियर खंडपीठ के कार्य क्षेत्र में आता है, लिहाजा प्रकरण की सुनवाई ग्वालियर में ही जारी रखी जाए।
भारती ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए बताया कि मिश्रा पूर्व में मामले को लंबित बनाए रखने के लिए ग्वालियर खंडपीठ में एक छद्म याचिका दायर कर चुके हैं। इस बात का उल्लेख चुनाव आयोग के फैसले में भी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि राधा मोहन सोनी के नाम से छद्म याचिका दायर की गई थी, ताकि प्रकरण लंबित रहे।
भारती का आरोप है कि प्रबंधन में माहिर मंत्री मिश्रा ने ही जबलपुर उच्च न्यायालय में छद्म याचिका लगवाई गई है, ताकि किसी तरह वे राहत पा सकें। मिश्रा की कोशिश यही है कि मामला लंबित रहे और उन्हें लाभ मिल जाए। वे इसी तरह की साजिशें रचकर मामले को आठ साल से लंबित कराते आ रहे हैं।
भारती ने अपने आवेदन में रजिस्ट्रार जनरल से अनुरोध किया है कि ग्वालियर खंडपीठ में सुनवाई चल रही थी और यहीं जारी रखी जाए।
भारती के आरोपों को लेकर जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, मगर वे उपलब्ध नहीं हुए।
dharmpath.com dharmpath