पणजी, 25 नवंबर (आईएएनएस)। ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान की धुने दुनियाभर में लोकप्रिय हैं, लेकिन उनका कहना कि वह नहीं चाहते कि उनका संगीत फिल्म से ऊपर हो जाए।
रहमान ने यहां फिल्म बाजार में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “जबतक संगीत कहानी का हिस्सा न हो, मैं नहीं चाहता कि मेरा संगीत फिल्म से ऊपर हो।”
दो ग्रैमी पुरस्कार और दो अकादमी पुरस्कार के साथ रहमान ने संगीत की दुनिया में एक सम्मानजनक नाम कमाया है।
रहमान ने कहा कि वह हमेशा नए निर्देशकों के साथ काम करने को उत्साहित रहते हैं।
रहमान ने वृत्तचित्र और टीवी शो के साथ अपनी यात्रा शुरू की, इससे पहले उन्हें 1992 में फिल्म ‘रोजा’ में पहला ब्रेक मिला था। उन्होंने बॉलीवुड को ‘रंगीला’, ‘ताल’, ‘दिल से’, ‘जोधा अकबर’, ‘स्वदेश’, ‘रंग दे बसंती’, ‘रॉकस्टार’, ‘जब तक है जान’ और ‘रांझणा’ जैसी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की धुन बनाई है।
रहमान को पहला अंतर्राष्ट्रीय ब्रेक तब मिला, जब उन्हें एंड्र लॉयड वेबर ने ‘बॉम्बे ड्रीम्स’ के लिए आमंत्रित किया। इसने उन्हें लोकप्रियता दिलाई। इसके बाद उन्होंने लोकप्रिय फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के लिए ऑस्कर भी जीता।
भारत में और पश्चिम के काम करने के अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, “भारत में मुझे स्क्रिट सुनना पसंद है पढ़ना नहीं, लेकिन हॉलीवुड में पढ़ना, उनकी स्क्रिप्ट कई बार संगीत का नमूना होती है।”
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