राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि पवननपुत्र हनुमान भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण, पराक्रम और सेवाभाव के पर्याय हैं। उन्होंने कहा, “हजरत अली ने इंसान को इंसान से जोड़ने और आपसी भाईचारे की जो तालीम दी थी, वह किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए थी। महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले ने महिलाओं और विधवाओं के उत्थान एवं उनकी शिक्षा की दिशा में अनेक कार्य किए।”
नाईक ने कहा कि महापुरुषों की शिक्षाएं समाजोत्थान की दिशा में आज भी प्रासंगिक हैं, जिनसे मानवता सदैव प्रेरणा प्राप्त करती रहेगी।
राज्यपाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “भारतीय तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि हनुमान जयंती के दिन पड़ती है। छत्रपति शिवाजी महाराज को विश्व के महान योद्धा के रूप में जाना जाता है। वास्तव में वह कूटनीति के परिचायक थे और उनमें सबको जोड़ने की चुंबकीय शक्ति थी।”
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